ब्रह्माण्ड में सात ग्रहों पर है एलियन का बसेरा: यह टॉपिक पढ़ते ही आप को ऐसा लगेगा कि यह किसी पागल इंसान का कल्पना ही हो सकता है लेकिन हकीकत नहीं हो सकता है,यह कोई कल्पना नहीं है अगर मैं कुछ लिख रहा हूँ तो मेरे पास भी कुछ ना कुछ आधार होगा कि ऐसी बात लिख रहा हूँ!जी हाँ इस ब्रह्माण्ड में सात ऐसे ग्रह हैं जिन पर एलियन का बसेरा है या मानव रूपी जीव हैं,अब वह सात ग्रह कौन कौन से हैं यह मुझे भी जानकारी नहीं है इसलिए उनके नाम नहीं लिख सकता!
आप आगे पढ़ें आप को कुछ ऐसी जानकारी मिलेगी जिस की आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं,आप सब को जरूर जानकारी होगी कि नासा ने मंगल ग्रह का एक इमेज प्रकाशित किया था जिसमे बताया गया था कि एलियंस का मंदिर पाया गया है,यह बात कोई गलत तो नहीं है?जो बात मैं आज लिख रहा हूँ हो सकता है की 50-100 साल बाद नासा ये बात जरूर बताएगा!
यहाँ एक बात और स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि साइंस ईश्वर और धर्म में विश्वास नहीं रखती है,साइंस के अनुसार ईश्वर और धर्म का कोई अस्तित्व नहीं है,साइंस के अनुसार धर्म और ईश्वर लोगों के दिल में डर पैदा करने का एक भरम है,इसलिए इस संसार में दो प्रकार के मनुष्य रहते हैं एक वह जो ईश्वर और धर्म में यक़ीन रखते हैं और दूसरा वह जो साइंस और अपनी आँखों से देखि हुयी चीज़ों पे यक़ीन करते हैं!
अगर साइंस ईश्वर और धर्म में विश्वास नहीं रखती है तो नेचुरल फिनामिना की बात क्यों करती है?नेचुरल डिजास्टर की बात क्यों करती है?साइंस के अनुसार ये नेचुरल क्या है?साइंस को नेचुरल शब्द का उपयोग नहीं करना चाहिए,लेकिन जब बात साइंस की समझ से बाहर की हो जाती है तो नेचुरल शब्द का प्रयोग करना शुरू कर देती है,हाँ एक बात मैं बता देना चाहता हूँ की परम्परा,सभ्यता और धर्म में बहुत अंतर हैं!
पहले बहुत सारी परम्परा गलत धारणा पर थी जिस का धर्म से कोई लेना देना नहीं था,अगर कोई परम्परा सदियों से चली आ रही हो तो उसको धर्म नहीं कह सकते हैं,कुछ लोग ऐसे भी है जो किसी सभ्यता की परम्परा को धर्म का नाम देते हैं और साइंस उस परम्परा को बिलकुल गलत मानती है,परम्परा का कोई अस्तित्व नहीं होता है उसकी एक गलत धारणा होती है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है!
नासा खुले तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं करेगा कि एलियंस के मंदिर को मंगल ग्रह पर देखा गया है। नासा के अनुसार मंगल ग्रह पर पाए जाने वाले एलियंस मंदिर के बारे में बहुत सारी जानकारी है लेकिन वह असमर्थ है इसे उजागर करने के लिए, हम सभी जानते हैं कि नासा एक धार्मिक संगठन नहीं है और कभी भी भगवान के अस्तित्व में विश्वास नहीं करता है। अगर नासा धर्म और भगवान के बारे में बात करना शुरू कर देता है तो इसका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
नासा मंगल की सतह की वास्तविक प्रकृति के बारे में जनता को अंधेरे में रखना चाहता है। नासा कभी इस तथ्य पर चर्चा नहीं कर सकता है कि मंगल ग्रह पर एलियंस मंदिर देखा गया है। मंगल पर मंदिर की छवि एक काल्पनिक छवि नहीं है!
नासा शुरू से ही जानता है कि अन्य ग्रहों पर एलियंस मौजूद हैं। जब एलियंस संभव हैं तो नासा को एलियंस मंदिर की वास्तविकता के बारे में बताने में इतनी झिझक क्यों है?
यह आश्चर्य की बात नहीं है कि एलियंस का मंदिर मंगल पर देखा गया है। यह कोई काल्पनिक बात नहीं है, यह बिल्कुल सच है कि यह एक एलियन का मंदिर है। अब प्रश्न यह उठता है कि क्या पृथ्वी जैसे अन्य ग्रहों पर भी धर्म है? क्या हम मंगल को धार्मिक ग्रह कह सकते हैं?
नासा या विज्ञान अंतरिक्ष की खोज में बहुत दूर है, जहां तक मेरा सवाल है, नासा ने अंतरिक्ष / ब्रह्मांड के बारे में 1% भी नहीं खोजा है। यह अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है कि विभिन्न आकाशगंगाओं में कितने ग्रह हैं लेकिन हमारी पृथ्वी की तरह सात और पृथ्वी हैं।
जिस तरह इंसान इस ग्रह पर रहते हैं, उसी तरह दूसरे ग्रह पर भी जीव मौजूद हैं जो एलियन हैं। जमीन जैसी व्यवस्था भी है। लेकिन अंतर यह है कि उस ब्रह्मांड के अनुसार जीव हैं, हम यह नहीं कह सकते कि वे मानव के समान परिपूर्ण हैं।
दूसरे ग्रह पर भी धर्म है, जैसे पृथ्वी पर अलग-अलग धर्म हैं, उसी तरह अन्य सात ग्रहों पर भी धर्म है।अगर एलियन में धर्म नहीं है तो फिर मंगल ग्रह पर टेम्पल जैसा ढांचा कैसे दिखाई दिया है?जिसको नासा भी मान रहा है कि यह एलियंस का मंदिर है?
मैं यहां यह भी स्पष्ट करता चलूँ की जैसे अलग-अलग धर्म के दूत धरती पर आए हैं उसी तरह से अलग-अलग धर्म के दूत अन्य सात ग्रहों में आए हैं। जैसे आदम, मूसा, जीसस क्राइस्ट और नूह पृथ्वी पर प्रसिद्ध हैं उसी तरह से अन्य सात ग्रहों पर भी प्रसिद्ध दूत हैं, लेकिन मुझे उस दूत का नाम नहीं पता। उन सात ग्रहों पर भी मानव समान जीवन शैली है जैसे इस धरती पर है!
धरती की तरह अन्य सात ग्रह पर भी लोग एक दूसरे से धनी और गरीब भी होते हैं और वे अपने समाज में प्रसिद्ध होते हैं। हो सकता है कि सात ग्रहों में से एक मंगल ग्रह है जिसमें एलियंस पाए जाते हैं। मंगल पर मंदिर (पूजा स्थल) की छवि मिलना कोई आश्चर्य की बात नहीं है और इस बात का प्रमाण है कि और भी ग्रह है जिस पर एलियन पाये जाते हैं।
आप आगे पढ़ें आप को कुछ ऐसी जानकारी मिलेगी जिस की आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं,आप सब को जरूर जानकारी होगी कि नासा ने मंगल ग्रह का एक इमेज प्रकाशित किया था जिसमे बताया गया था कि एलियंस का मंदिर पाया गया है,यह बात कोई गलत तो नहीं है?जो बात मैं आज लिख रहा हूँ हो सकता है की 50-100 साल बाद नासा ये बात जरूर बताएगा!
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| Aliens shelter on seven planets |
साइंस के अनुसार एलियंस हैं
साइंस के अनुसार एलियंस हैं,यह बात भी आप मानने से इंकार नहीं कर सकते हैं,यह बात तय है की मनुष्य उसी वस्तु की छवि अपने दिमाग में बनाता है या कल्पना करता है जिस के बारे में किसी भी तरह सुना हो या देखा हो,एलियंस की छवि इस संसार से ढकी छुपी नहीं है,हम सब एलियंस की छवि को जानते हैं,यह इस बात का प्रमाण है की कभी ना कभी एलियंस को देखा गया है! साइंस भी इस बात को मानती है कि एलियंस हैं लेकिन कहाँ है,कैसे जीवन जीते हैं,किस ग्रह पर हैं इसका पता नहीं लगा सकी है!यहाँ एक बात और स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि साइंस ईश्वर और धर्म में विश्वास नहीं रखती है,साइंस के अनुसार ईश्वर और धर्म का कोई अस्तित्व नहीं है,साइंस के अनुसार धर्म और ईश्वर लोगों के दिल में डर पैदा करने का एक भरम है,इसलिए इस संसार में दो प्रकार के मनुष्य रहते हैं एक वह जो ईश्वर और धर्म में यक़ीन रखते हैं और दूसरा वह जो साइंस और अपनी आँखों से देखि हुयी चीज़ों पे यक़ीन करते हैं!
अगर साइंस ईश्वर और धर्म में विश्वास नहीं रखती है तो नेचुरल फिनामिना की बात क्यों करती है?नेचुरल डिजास्टर की बात क्यों करती है?साइंस के अनुसार ये नेचुरल क्या है?साइंस को नेचुरल शब्द का उपयोग नहीं करना चाहिए,लेकिन जब बात साइंस की समझ से बाहर की हो जाती है तो नेचुरल शब्द का प्रयोग करना शुरू कर देती है,हाँ एक बात मैं बता देना चाहता हूँ की परम्परा,सभ्यता और धर्म में बहुत अंतर हैं!
पहले बहुत सारी परम्परा गलत धारणा पर थी जिस का धर्म से कोई लेना देना नहीं था,अगर कोई परम्परा सदियों से चली आ रही हो तो उसको धर्म नहीं कह सकते हैं,कुछ लोग ऐसे भी है जो किसी सभ्यता की परम्परा को धर्म का नाम देते हैं और साइंस उस परम्परा को बिलकुल गलत मानती है,परम्परा का कोई अस्तित्व नहीं होता है उसकी एक गलत धारणा होती है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है!
यहाँ एक बात बताता चलूं की 26 जुलाई 1969 रैंड कॉर्पोरेशन ने अंतरिक्ष में एक शोध किया और अनुमान लगाया कि इस पृथ्वी में विद्यमान आकाशगंगा में केवल 60 मिलियन ग्रह हैं, जिनकी परिस्थितियाँ हमारी पृथ्वी से बहुत मिलती-जुलती हैं और यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वहाँ भी जीव काअस्तित्व है!
अगर मैं यह बात लिख रहा हूँ की इस ब्रह्माण्ड में सात ऐसे ग्रह हैं जिन पर एलियंस का बसेरा है तो आप को इतनी हैरानी क्यों हो रही है??
मंगल ग्रह पर एलियन का बसेरा
हाल ही में नासा द्वारा मंगल ग्रह की एक छवि ली गई है, इस छवि में देखा गया है कि मंगल पर एलियंस का मंदिर है। यह एक ऐसी संरचना देखने को मिली है, जो इस दुनिया के पूजा स्थल की तरह है।संरचना में पांच या अधिक स्तर हैं, प्रत्येक पहले से ही छोटा हो रहा है, लेकिन शीर्ष स्तर की संरचना मंदिर, चर्च या मस्जिद की तरह उच्चतम है। मुख्य संरचना का आकार पिरामिड जैसा दिखता है।नासा खुले तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं करेगा कि एलियंस के मंदिर को मंगल ग्रह पर देखा गया है। नासा के अनुसार मंगल ग्रह पर पाए जाने वाले एलियंस मंदिर के बारे में बहुत सारी जानकारी है लेकिन वह असमर्थ है इसे उजागर करने के लिए, हम सभी जानते हैं कि नासा एक धार्मिक संगठन नहीं है और कभी भी भगवान के अस्तित्व में विश्वास नहीं करता है। अगर नासा धर्म और भगवान के बारे में बात करना शुरू कर देता है तो इसका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
नासा मंगल की सतह की वास्तविक प्रकृति के बारे में जनता को अंधेरे में रखना चाहता है। नासा कभी इस तथ्य पर चर्चा नहीं कर सकता है कि मंगल ग्रह पर एलियंस मंदिर देखा गया है। मंगल पर मंदिर की छवि एक काल्पनिक छवि नहीं है!
नासा शुरू से ही जानता है कि अन्य ग्रहों पर एलियंस मौजूद हैं। जब एलियंस संभव हैं तो नासा को एलियंस मंदिर की वास्तविकता के बारे में बताने में इतनी झिझक क्यों है?
यह आश्चर्य की बात नहीं है कि एलियंस का मंदिर मंगल पर देखा गया है। यह कोई काल्पनिक बात नहीं है, यह बिल्कुल सच है कि यह एक एलियन का मंदिर है। अब प्रश्न यह उठता है कि क्या पृथ्वी जैसे अन्य ग्रहों पर भी धर्म है? क्या हम मंगल को धार्मिक ग्रह कह सकते हैं?
नासा या विज्ञान अंतरिक्ष की खोज में बहुत दूर है, जहां तक मेरा सवाल है, नासा ने अंतरिक्ष / ब्रह्मांड के बारे में 1% भी नहीं खोजा है। यह अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है कि विभिन्न आकाशगंगाओं में कितने ग्रह हैं लेकिन हमारी पृथ्वी की तरह सात और पृथ्वी हैं।
जिस तरह इंसान इस ग्रह पर रहते हैं, उसी तरह दूसरे ग्रह पर भी जीव मौजूद हैं जो एलियन हैं। जमीन जैसी व्यवस्था भी है। लेकिन अंतर यह है कि उस ब्रह्मांड के अनुसार जीव हैं, हम यह नहीं कह सकते कि वे मानव के समान परिपूर्ण हैं।
सात ग्रहों पर है एलियन का बसेरा
मैं अब वह महत्वपूर्ण बात बता रहा हूं जिसकी कल्पना मनुष्य नहीं कर सकता है, जीवित जीव या प्राणी केवल पृथ्वी पर नहीं पाए जाते हैं। हमारी पृथ्वी की तरह, सात अन्य ग्रह हैं जिनमें मनुष्य जैसे मानव हैं। यह कोई काल्पनिक अनुमान नहीं है, मैं पूरे आत्मविश्वास के साथ लिख रहा हूं। मैं उन सात ग्रहों के नाम नहीं जानता, लेकिन ब्रह्मांड में केवल सात ग्रह मौजूद हैं जो पृथ्वी के संसार के समान है।जैसे पृथ्वी पर मनुष्य का जीवन है उसी तरह मनुष्य समान जीव का बसेरा है!यह बात मानवीय समझ से परे है। अब तक विज्ञान इतना आगे नहीं बढ़ पाया है कि वह हमें बता सके।दूसरे ग्रह पर भी धर्म है, जैसे पृथ्वी पर अलग-अलग धर्म हैं, उसी तरह अन्य सात ग्रहों पर भी धर्म है।अगर एलियन में धर्म नहीं है तो फिर मंगल ग्रह पर टेम्पल जैसा ढांचा कैसे दिखाई दिया है?जिसको नासा भी मान रहा है कि यह एलियंस का मंदिर है?
मैं यहां यह भी स्पष्ट करता चलूँ की जैसे अलग-अलग धर्म के दूत धरती पर आए हैं उसी तरह से अलग-अलग धर्म के दूत अन्य सात ग्रहों में आए हैं। जैसे आदम, मूसा, जीसस क्राइस्ट और नूह पृथ्वी पर प्रसिद्ध हैं उसी तरह से अन्य सात ग्रहों पर भी प्रसिद्ध दूत हैं, लेकिन मुझे उस दूत का नाम नहीं पता। उन सात ग्रहों पर भी मानव समान जीवन शैली है जैसे इस धरती पर है!
धरती की तरह अन्य सात ग्रह पर भी लोग एक दूसरे से धनी और गरीब भी होते हैं और वे अपने समाज में प्रसिद्ध होते हैं। हो सकता है कि सात ग्रहों में से एक मंगल ग्रह है जिसमें एलियंस पाए जाते हैं। मंगल पर मंदिर (पूजा स्थल) की छवि मिलना कोई आश्चर्य की बात नहीं है और इस बात का प्रमाण है कि और भी ग्रह है जिस पर एलियन पाये जाते हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि ब्रह्मांड में सात आकाश भी हैं। प्रत्येक आकाश के बीच की दूरी लगभग 90,000,000 KM है। आप अनुमान लगा सकते हैं कि ऊपरी आकाश की दूरी क्या है। शायद आप सोच रहे होंगे कि यह कैसा पागल व्यक्ति है और क्या लिख रहा है लेकिन कोई बात नहीं जब तक साइंस इस बात को साबित करेगा उस वक़्त हम आप नहीं होंगे।
यह शोध तभी संभव हो सकता है जब मानव प्रकाश की गति से यात्रा कर सकेगा। मुझे यह लिखते हुए वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन बहुत याद आ रही है उन्होंने E = mc2 का क्या शानदार सिद्धांत दिया था!
यह शोध तभी संभव हो सकता है जब मानव प्रकाश की गति से यात्रा कर सकेगा। मुझे यह लिखते हुए वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन बहुत याद आ रही है उन्होंने E = mc2 का क्या शानदार सिद्धांत दिया था!

3 Comments
657F034E8D
ReplyDeletekiralık hacker
hacker arıyorum
kiralık hacker
hacker arıyorum
belek
750C7621
ReplyDeleteAmasya Esçort
Mardin Esçort
Osmaniye Esçort
Bayburt Esçort
Düzce Esçort
Aksaray Esçort
Bolu Esçort
Bingöl Esçort
Gümüşhane Esçort
F0868E6C
ReplyDeleteNizip
Tatvan
Korkuteli
Gölcük
Turgutlu
Çorlu
Buharkent
Selçuklu
Meram