मोदी की जीत लहर से भयभीत है पाकिस्तान - Technopediasite

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Tuesday, April 16, 2019

मोदी की जीत लहर से भयभीत है पाकिस्तान

Article prepared by Er.A.Allen: मोदी की जीत लहर से भयभीत है पाकिस्तान
2014 में गुजरात से एक तूफान उठा और देखते देखते पूरे भारत को अपने लपेट में ले लिया,उस तूफान का नाम था नरेंद्र मोदी, आज पांच साल बाद भी वह तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है,पूरा भारत देश श्री नरेन्द्र मोदी के जय जयकार में लगा हुआ है और एक बार फिर से भारतवासी श्री नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना पसंद कर रहे हैं,यह वही नरेंद्र मोदी हैं जिन्होंने 2014 में भारतीय जनता पार्टी को एक नयी दिशा दी, और सत्ता में हमेशा से बनी रही कांग्रेस हुकूमत का सफाया कर प्रचंड बहुत से जीत हासिल की. फिर मोदी सरकार ने भारत के लिए इतना काम किया है कि आज जनता को उन सभी कामों की गिनती करना भी कठिन हो रहा है,जब पूरा देश मोदी जी की जय जयकार में लगा है तो भला मैं क्यों पीछे रहूँगा इसलिए मैंने भी मोदी जी के बारे में कुछ लिखा है-

मोदी तू मानव नहीं लगता है भगवान - भारत देश का करने तू आया है कल्याण.
गाँधी,नेहरा,इंद्रा सब देश के थे गद्दार - तुम से पहले नहीं था कोई भारत माँ का संतान
पहले नहीं था भारत इतिहास के पन्नों में - भारतीय इतिहास को भी लिखता है विज्ञान
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सब मिलकर हैं कितने खुश - देश में है कुछ मूर्ख प्राणी जो तेरे कर्मों से है अनजान
सीमा पर भी सैनिक के साथ किया है ऐसा काम - तेरे डर से दुश्मन देश काँप रहा है पाकिस्तान,
भारत की भोली जनता कब तक आज़ाद रहे - होता रहे कुछ नया नया जब तक है मतदान,

Modi ki jeet lahar se bhaybhit hai Pakistan
भयभीत है पाकिस्तान अब क्या होगा पाकिस्तान का हाल

मोदी लहर से पाकिस्तान है भयभीत


पुलवामा में हुए राजनीतिक हमले के बाद (माफ़ कीजियेगा आतंकी हमले) भारतीय राजनीती में एक नया मोड़ आ गया है, हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के ऊपर बम्बारी की और पाकिस्तान खामोश रहा और अपने सैनिकों की लाशें गिनते रहा, श्री नरेन्द्र मोदी भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने ने पाकिस्तान पर हमला किया है और पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया है,इस हिम्मत और बहादुरी को देखते हुए भारत की जनता ने एक बार फिर से मोदी सरकार को दिल्ली की गद्दी सौंपने का संकल्प लिया है! भारत की जनता सच में बहुत भाग्यशाली है जिन्हें श्री नरेन्द्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला है,

श्री नरेन्द्र मोदी की जीत की लहर से पूरी दुनिया में ख़ुशी का माहौल है लेकिन दुश्मन देश पाकिस्तान में दुःख और गम का माहौल छाया हुआ है,मोदी जी की जीत की लहर से पाकिस्तान थर्रा गया है, पाकिस्तान के लोगों में काफी हलचल है कि अब पाकिस्तान का क्या होगा,कहीं ऐसा ना हो कि पाकिस्तान दुनिया के नक़्शे से समाप्त हो जाये, इसी डर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पहले ही यह ऐलान किया है कि पाकिस्तानी जेल में जितने भी भारतीये हैं सब छोड़ दिए जायेंगे, आप सब जानते हैं कि अभी पाकिस्तान की स्थिति बहुत ख़राब चल रही है,पाकिस्तान में महंगाई की वजह से जनता में त्राहि त्राहि लगी हुई है,पाकिस्तान ऐसे बुरे हालात से गुजर रहा है की हम सब उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते है और ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चौथी शादी की तलाश में लगे है यानी चौथी बेगम की तलाश जारी है,

जबकि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी दुश्मन देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से विपरीत हैं, नरेंद्र मोदी ने देश के लिए अपनी पत्नी,घर परिवार सब कुछ त्याग दिया है,देश के लिए 365 दिन 18-18 घंटे काम करते हैं फिर भी कभी नहीं थकते हैं, चुनाव से पहले देश की हित के लिए 100-100 रैलियां करते हैं बिच में विदेश दौरा कर के दुसरे देशों से अच्छा सम्बन्ध बनाये रखने का भी कार्य करते हैं,

रविश कुमार जैसे मुर्ख पत्रकार कहते हैं कि मोदी जी केवल रैलियां करने और विदेश यात्रा करने में ब्यस्त रहते हैं तो काम कब करते हैं?रैलियां करना और विदेश यात्रा करना काम नहीं है क्या?अगर मोदी जी विदेश यात्रा नहीं किये होते तो इतनी आसानी से पाकिस्तान पर बम्बारी नहीं कर सकते थे.प्रधानमंत्री विदेश का दौरा कर के विदेश नीतियों पर काम ही किया है,श्री नरेन्द्र मोदी ने विदेश नीतियों पर काम कर के भारत का मान सम्मान बढ़ाया है.

भारत का पड़ोसी देशों से सम्बन्ध


भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान,चीन,नेपाल,बांग्लादेश इत्यादि हैं. वैसे प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत का सम्बन्ध अपने पड़ोसी देशों से बहुत अच्छा रहा है जो पहले किसी भी सरकार के कार्यकाल में नहीं रहा है, 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी अपने प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बुलाया था,फिर मित्रता काफी बढ़ी और आना जाना लगा रहा,तोहफा देने लेने का भी दौर चला, कभी आधिकारिक और कभी अनौपचारिक आना जाना लगा रहा,

2014 के चुनाव से पहले वही नरेंद्र मोदी अभी अपने भाषण में कहते थे कि पाकिस्तान को उसी के भाषा में जवाब देना चाहिए या नहीं,हमारे सैनिकों के एक सर के बदले 10 सर आना चाहिए या नहीं, फिर 2014 के चुनाव जीतने के बाद ऐसा क्या हुआ के नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान इतना पसंद आ गया, भारत को सब से ज्यादा खतरा चीन से है,चीन से कई बार युद्ध भी हो चूका है,लेकिन चुनाव से पहले केवल भारत-पाकिस्तान सीमा पर ही क्यों तनाव होता है, भारत-पाकिस्तान सीमा पर कुछ ऐसी घटना क्यों हो जाती है जो चुनाव का मुद्दा बन जाता है? मुझे लगता है यह विचार करने योग्य है. अगर भारत-चीन सीमा पर कुछ होता है तो उसकी खबर आम लोगों तक पहुँचने भी नहीं दिया जाता है,

बांग्लादेश के साथ भारत का बहुत अच्छा सम्बन्ध है,बांग्लादेशी घुसपैठ भारत में रहते है और उन्हें निकलने की बात चलती है लेकिन जब चुनाव का समय आता है तो उनका वोटर ID कार्ड भी बन जाता है,भारत का सीमा कितना सुरछित है की हर तरफ से घुसपैठ आसानी से घुस जाते है और हमारा सुरक्षाबल घुसने देता है,चाहे बांग्लादेशी घुसपैठ हो या पुलवामा में 300kg RDX की बात हो.

भारत से नेपाल का सम्बन्ध भी बहुत अच्छा है,जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला दौरा नेपाल का हुआ तो नेपाल को बहुत कुछ तोहफा दिया था, फिर नेपाल पर प्रकिर्तिक आपदा आया उस समय भी भारत ने अपनी मदद भेजी लेकिन कुछ ही दिनों बाद नेपाल ने भारत से मदद लेने से इंकार कर दिया था, अब ये हालत है कि नेपाल जैसा देश भारत के नए नोट 50,100 और 2000 का नोट अपने यहां लेने से इंकार कर दिया है,यानि नेपाल में भारत का नया नोट नहीं चलता है,पुराने नोट जैसे-10,20,50,100 के सब नोट चलते हैं. प्रधानमंत्री मोदी का विदेश दौरा तो बहुत हुआ लेकिन भारत में कुछ खास रोजगार नहीं आया है, 

आप यह भी पढ़ें- चुनाव से पहले का खेल

चुनाव से पहले जनता क्या करे

चुनाव से पहले जनता को भड़काने की बहुत कोशिश की जाती है मुद्दे पैदा किये जाते हैं,हिन्दू मुस्लिम पाकिस्तान कोई भी मुद्दा हो सकता है लेकिन जनता को ऐसे मुद्दों पर ध्यान नहीं देना है, पिछली केंद्र में किस की सरकार थी और चुनाव से पहले उसका घोषणापत्र क्या था,क्या क्या वादे किये थे उसको पढ़ा जाये, उस घोषणापत्र और किये गए वादे के अनुसार भारत का कितना विकास हुआ है केवल इस मुद्दे पर वोट दिया जाये.

अगर घोषणा पत्र और किये हुए वादे के अनुसार विकास नहीं हुआ है तो उस पार्टी को वोट नही दिया जाये,आप के छेत्र का जो भी काम करने वाला नेता हो उसको वोट दें चाहे वह किसी भी पार्टी का हो किसी भी धर्म का हो,अगर ऐसा नहीं हुआ तो भारत का ऐसे ही विकाश होगा, क्या यह चुनाव का मुद्दा होना चाहिए के एक रूपया में पांच किलो चावल या  सब को 72000 रुपया मिलेगा? एक बार 72000 रूपया नहीं चाहिए भारतवासी को हर महीने 72000 रूपया कमाने का अवसर चाहिए.

चुनाव से पहले हर एक पार्टी दूसरे पे कीचड उछालती है, कांग्रेस पार्टी मोदी मोदी करती है और बीजेपी राहुल सोनिआ करती है यह सब क्या तमाशा है, तुम लोगों ने अपने अपने कार्यकाल में क्या क्या किया है यह क्यों नहीं बताते हो,अपनी उपलब्धि क्यों नहीं बताते हो,परन्तु ऐसा नहीं होता है काम की बात कोई नहीं करता है बस जनता कैसे मुर्ख बन जाये कैसे झांसे में आ जाये यही कोशिश की जाती है,अब जनता को सोचना चाहिए कि क्या करना है!

मोदी को आता है जादू करना


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी किसी जादूगर से कम नहीं है,पूरी दुनिया में श्री नरेंद्र मोदी का जादू सर चढ़ कर बोल रहा है,सैकड़ों विदेश दौरे किये, पूरी दुनिया में भारत का नाम ऊँचा किया लेकिन कोई खास रोजगार नहीं मिला,फिर भी कोई बात नहीं वैसे कोशिश तो जरूर किये होंगे,भारत के अंदर भी मोदी लहर कुछ कम नहीं है. आज हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई सब मोदी मोदी के जय जयकार लगा रहे हैं, सब का साथ सब का विकाश प्रधानमंत्री की यही सोच है!

चुनाव से कुछ ही दिन पहले पुरे भारत में मोदी के खिलाफ नारे लग रहे थे,आप सब ने यूट्यूब और फेसबुक पर वीडियो देखें होंगे जो आम लोगों ने गालियाँ दी थी, लोग मोदी सरकार के कार्यकाल से काफी दुखी थे,और जनता को यह एहसास होने लगा था की हम पांच साल के लिए ठगे गए हैं,कभी जनता नोट बंदी से दुखी,कभी GST से दुखी, नीरव मोदी भाग गया,विजय माल्या भाग गया,राफेल घोटाला हुआ फिर फाइल ही चोरी हो गयी, राफेल के प्रश्न पर कोई उत्तर देने को तैयार नहीं होता था,जनता को रोजगार नहीं मिला रहा है,जनता को गैस सिलिंडर मिला लेकिन गैस का मूल्य इतना जयादा की रिफिल नहीं करवा सकते, डीजल पेट्रोल का दाम आसमान छूने लगा, ऐसे कितने मुद्दे हैं जिसको लेकर जनता बिलख बिलख के रो रही थी, लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ की अब जनता के पास कोई मुद्दा ही नहीं है!

प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक ऐसा कौन सा जादू किया कि भारत की जनता सब कुछ भूल गयी?सच में ऐसे व्यक्ति को जादूगर ही कहा जायेगा,वह कहते हैं न तेरा जादू चल गया बस यही बात है. पुरे भारत में और भारत के बाहर मोदी जी का जादू चल रहा है.

पुलवामा हमले से पहले एक सर्वे के अनुसार पता चला था की 2019 में बीजेपी के लिए केंद्र में सरकार बनाना आसान नहीं होगा,उससे पहले पांच राज्य में चुनाव हुआ जिसका नतीजा आप सब के सामने है मुझे स्पेशल लिखने की जरुरत नहीं है. जब से पुलवामा हमला हुआ और मोदी सरकार ने पाकिस्तान पर हमला कर के बदला लिया है तब से अचानक माहौल बदल सा गया है,मोदी ने बम्बारी कर के पाकिस्तान से बदला ले लिया है, पाकिस्तान अभी तक लाशें गिन्न  रहा है,पाकिस्तान को सबक सिखा दिया है,पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया है, ये खबर जब जनता में फैलायी गयी तो मोदी लहर चल पड़ी और ये सत्य है की 2019 के आम चुनाव में मोदी लहर को कोई रोक नहीं सकता है, मोदी जी जीत की लहर से पाकिस्तान भयभीत है!

जो टीवी मीडिया कल तक मोदी के कार्यकाल का मज़ाक उड़ा रही थी,राफेल,नोट बंदी,GST को लेकर सवाल कर रही थी अब सब मोदी के गुणगान में लग गए हैं, यह भी जनता को पता चल गया कि प्रधानमंत्री मोदी की माता जी बीमार थी और उनका हाल पूछने के लिए मोदी जी ने फ़ोन किया था,प्रधानमंत्री की माता जी बोली मेरी चिंता मत करो तुम देश की सेवा करो,जनता को यह भी पता चला की 2014 में PM हाउस के परदे नहीं बदले गए मोदी जी ने दूसरे प्रधानमंत्री के जैसा PM हाउस पर कोई एक्स्ट्रा खर्च नहीं किया केवल देश की चिंता की है.टीवी मीडिया के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी अपने ऊपर भारत का पैसा फालतू में खर्च नहीं करते है केवल देश की चिंता में लगे रहते हैं!

वैसे यह सब बाते पुलवामा हमले के बाद टीवी पर देखने को मिलने लगा उससे पहले तो टीवी पर यह चलता था कि प्रधानमंत्री मोदी काजु की रोटी खाते है, 1.5 लाख के पेन से लिखते हैं, 175 रूपया का पानी का बोतल पीते हैं,दिन भर में पांच बार कपडे बदलते हैं और किस कपडे की क्या क़ीमत हैं,विदेश दौरों में भारत का कितना क्रोर्स रूपया खर्च हो गया,नीरव मोदी और माल्या पर कोई पकड़ नहीं, काला धन नहीं आया, राम मंदिर नहीं बना. लेकिन टीवी चैनल पर भी मोदी जी का जादू चल गया और अचानक सब कुछ बदल गया है और आज पुरे देश में मोदी लहर है, मोदी की जीत लहर से पाकिस्तान काफी भयभीत है और पाकिस्तान के जनता में त्राहि त्राहि लगी हुई है, आप सोच रहे होंगे की मैं बार बार पाकिस्तान का नाम क्यों ले रहा हूँ, क्या बताऊं यही तो जादू का कारण है जनाब...............

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