क्या आप कुंभ का आखिरी शाही स्नान का महत्व जानते हैं? कुंभ में क्या संकल्प लिया गया? - Technopediasite

.

Saturday, February 9, 2019

क्या आप कुंभ का आखिरी शाही स्नान का महत्व जानते हैं? कुंभ में क्या संकल्प लिया गया?

क्या आप कुंभ का आखिरी शाही स्नान का महत्व जानते हैं? ये पोस्ट भारत के एक मित्र द्वारा लिखी गयी है जिससे यहाँ प्रकाशित किया जा रहा है.आज भारत में बसंत पंचमी है इसके लिए मेरी और से बहुत बहुत बधाई!इस बसंत पंचमी पे क्या आप ने कुंभ का आखिरी शाही अस्नान नहीं किया है?मुझे लगता है की आप कुंभ का आखिरी स्नान का महत्त्व नहीं जानते हैं! आज हम आपको बताएंगे कि कुंभ का आखिरी स्नान का क्या मतत्व है,और कुंभ में क्या क्या संकल्प लिए गए हैं!
आज सुबह सुबह मेरे मित्र ने बताया है कि प्रयागराज में आज बसंत पंचमी के मौके पर तीसरा और आखिरी शाही स्नान शुरू हो गया है,ऐसा लगता है कि संसार का जनसैलाब टूट पड़ा है!अगर आप अपने घर बार में उलझे रह गए और कुंभ का आखरी शाही अस्नान नहीं किया तो आप किस्मत के धनी ब्यक्ति नहीं है! आज बसंत पंचमी पर संगम तट पर आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा है !हर तरफ से श्रद्धालुओं का रेला तट पर स्नान के लिए चला आ रहा है!
Kunbh me akhri shahi asnan aur liya gya sankalp
Kunbh dharshan
क्या आप ने कुंभ का आखिरी शाही स्नान नहीं किया?

अगर आप ने कुंभ का आखिरी शाही स्नान नहीं किया तो आप भाग्यशाली नहीं है,हर धर्म में एक पर्व होता है जिसका बहुत ज्यादा महत्व होता है,हिन्दू धर्म में भी बसंत पंचमी एक बहुत ख़ास और माना जाना पर्व है,इस पर्व पर हर एक हिन्दू को आस्था और श्रद्धा रहता है की वह कुंभ का दर्शन करे! कुंभ में स्नान करे और अपने जीवन भर के पाप को धो डाले !इस संसार में कोई भी ऐसा ब्यक्ति नहीं होगा जिसने कोई छोटा या कोई बड़ा पाप न किया हो! फिर पुण्य कमाने के लिए और अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए कुंभ क्यों नहीं जायेंगे?

कुंभ का आखिरी शाही स्नान का एक अपना ही अलग महत्त्व है, बसंत पंचमी के इस पावन पर्व पर अलग-अलग अखाड़े के संत आज आखिरी शाही स्नान पर पुण्य कमाने के लिए डुबकी लगा रहे हैं! जब एक संत जिन से कभी पाप नहीं होता केवल पुण्य का काम करते है वह भी पुण्य कमाने के लिए डुबकी लगा रहे हैं तो हम आप किस भ्रम में जी रहे हैं?

शाही अखाड़ों के स्नान के बाद आम श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाएंगे. मेरे मित्र द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि आज करीब 2.5 करोड़ से भी ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगाएंगे.अगर कुंभ का आखिरी शाही स्नान का इतना महत्त्व नहीं होता तो भला इतने सारे लोग संगम तट पे क्या करने जाते?बताया गया है कि वहां पुलिस प्रशासन ने भी आखिरी शाही स्नान के मौके पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं.वहां किसी तरह का भय नहीं है,लोग बहुत श्रद्धा से स्नान कर रहे हैं!

मेरे मित्र द्वारा यह भी बताया गया है की कुंभ मेले के अंतिम शाही स्नान बसंत पंचमी पर्व पर शनिवार को सुबह आठ बजे से ही श्रद्धालुओं ने स्नान करना शुरू कर दिया और शाम चार बजे तक 60 लाख से अधिक लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई है और अभी तक जनसैलाब रुकने का नाम नहीं ले रहा है! मेरे मित्र द्वारा बताया गया है की स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तीनकरोड़ के पार पहुंचने की संभावना है. एक स्थान पर इतनी संख्या में हिन्दू धर्म का मिलना कोई आम बात नहीं है!

संतों का कहना है कि बसंत पंचमी का मुहूर्त शनिवार सुबह 8:55 बजे से रविवार की सुबह 10 बजे तक है.इसे देखते हुए श्रद्धालुओं का गंगा स्नान सुबह से ही जारी है और बड़ी संख्या में स्नानार्थी कुंभ मेले में आ रहे हैं.समय रहते सब को स्नान भी करना है और पुण्य कमाने का भागी बनना है,बसंत पंचमी पर आठ किलोमीटर के क्षेत्र में 40 घाट स्नान के लिए उपलब्ध है,किसी घाट पर स्नान करके पुण्य कमा सकते है!


कहने का तात्पर्य यह है कि कुंभ में किसी तरह की कोई कमी नहीं है लोगों को सूचना मुहैया कराने के लिए सभी जगह लाउडस्पीकर की व्यवस्था की गई है,संगम अपर मार्ग और अखाड़ा मार्ग पर विशेष निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष को निर्देश भी दिए गए हैं!

शाही स्नान का महत्व

अगर आप हिन्दू धर्म के मानने वाले हैं तो आप को जानकारी होगी कि मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी तीसरा और अंतिम शाही स्नान है.इसके बाद कुंभ मेला समाप्त हो जाता है कहने का मतलब यह है की आज कुंभ मेला का आखिरी दिन भी है. शाही स्नान के पश्चात अखाड़ों के साधु अपने अपने गंतव्यों की ओर लौटना शुरू कर देते हैं.वैसे मेरे मित्र ने बताया कि कुंभमेला चार मार्च तक चलेगा लेकिन अभी जैसे है उस तरह से नहीं रहेगा .कुंभ मेला चार मार्च तक चलेगा और उस दिन महाशिवरात्रि के स्नान के साथ यह मेला संपन्न होगा.

बसंत पंचमी पर संगम तट पर शाही स्नान का बेहद खास महत्व है. मान्यता है कि आज के दिन तीन बार डुबकी लगाने से श्रद्धालुओं को गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का आशीर्वाद मिलता है.ये भी मान्यता है कि त्रिवेणी में जो भक्त मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी के तीसरे शाही स्नान पर भी संगम स्नान करता है, उसे पूर्ण कुंभ स्नान का फल मिलता है!


कुंभ में लिया गया संकल्प

कुंभ मेला में ये भी संकल्प लिया गया है कि राम मंदिर का निर्माण किया जायेगा.भारत देश का विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने कुंभ में गंगा पूजन किया.मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया.21 फरवरी को अयोध्या में शिलान्यास की तारीख तय की गयी है!कुछ लोगों का जाति राय ये भी है की फिलहाल मंदिर मस्जिद विवाद के हल के लिए सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का ही इंतजार करना चाहिए!

वैसे वीएचपी के महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि वह 4 मार्च के बाद साधु-संतों के साथ अयोध्या जाएंगे और मुस्लिम पक्षकारों से राम मंदिर मसले पर चर्चा करेंगे.उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम पक्षकारों से कहेंगे कि वे मस्जिद की जिद छोड़ दें. गिरी ने कहा कि सरकार अब मंदिर नहीं बना सकती. अब साधु ही मंदिर बनाएंगे.

दूसरी तरफ मुस्लिम धर्म गुरुओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला हो हम वहां एक ईंट भी नहीं रखने देंगे चाहे इसके लिए जो हो जाये! अब देखने वाली बात यह है कि आगे क्या होता है! अनुमान लगाय जा रहा है कि आने वाले दिनों में भारत के हिन्दू मुस्लिम में काफी तनाव बढ़ सकता है!

No comments:

Post a Comment